गुरुवार, 18 जून 2009

जगह मिलने पर साइड दी जायेगी

१) गाड़ी के पीछे-
सपने मत देख, सामने देख!

२) बस के किनारे-
लटक मत, टपक जाएगा!




3) धर्मेन्द्र अपना चिम्पांजी/जट्ट यमला टाइप नृत्य करते हुए, डिम्पल से-

थोडी सी तुम पीना
थोडी मुझे पिलाना
बाकी सारा ज़माना
खस्मा नूं खाना ||

आखिरी सद्विचार, "मयखाना" की बढती लोकप्रियता को समर्पित.

7 टिप्‍पणियां:

ओम आर्य ने कहा…

बहुत बढिया.....शानदार

मुनीश ( munish ) ने कहा…

marhabaaa! kya baat hai!

अन्तर सोहिल ने कहा…

वाह-वाह

M VERMA ने कहा…

jee haa bahut maza aaya. bahut achchha.

नीरज गोस्वामी ने कहा…

बहुत जोरदार....:))
नीरज

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

मारुती -800 के पीछे लिखा था -'में बड़ी होकर, मर्सिडीज़ बनूंगी'

मुसाफिर जाट ने कहा…

ट्रक के पीछे लिखा था-
" धीरे चलोगे, बार-बार मिलेंगे.
तेज चलोगे, हरिद्वार मिलेंगे."
वो ट्रक वैसे हरिद्वार ही जा रहा था.